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प्रधानमंत्री का 73 वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी नागरिकों को संदेश

भारत के प्रधानमंत्री 73 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं दी। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहनों के लिए आशा, आकांक्षा से पूर्ण त्यौहार, आशा आकांक्षा तथा सपनों से परिपूर्ण स्नेह की सरिता को बढ़ाने वाला हो ऐसी शुभकामनाएं देश के सभी नागरिकों को प्रधानमंत्री ने दी। उन्होंने कहा कि भारत में वर्तमान समय में कुछ र राज्य वर्षा और बाढ़ के कारण से जूझ रहे हैं उन सभी के लिए हमारी तहे दिल से संवेदना है।रज्या और केंद्र की सरकार नागरिकों को कैसे इस समस्या से निकाला जाए दिन-रात प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री ने उन सभी बलिदानियों सत्याग्रह में  लेने को आदर पूर्ण नमन किया जिन्होंने देश के लिए जीवन, जवानी तथा स्वयं को फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया।

साथ ही उन सभी को नमन किया जो देश की शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए अपना योगदान दिया। उनका कहना था कि 10 हफ्ते के कार्यकाल में वर्तमान सरकार लोगों की आकांक्षाओं पर उतरने का प्रयास किया है। अनुच्छेद 370 , 35(ए) को हटाकर वर्तमान सरकार ने सरदार बल्लभ भाई पटेल के सपनों को साकार किया। तीन तलाक के संबंध में वर्तमान सरकार ने जो कार्य किया वह मुस्लिम माता बहनों को अधिकार दिलाने का एक कदम है। 90000 करोड़ किसानों को ट्रांसफर कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एक सराहनीय कार्य किया। पेंशन जल संकट पर भी प्रकाश डाला।उन्होंने मेडिकल शिक्षा को पारदर्शी बनाने की बात कही। 21 वी सदी के भारत की सफलता तथा देश को बदलने वाले सपनों को साकार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आशा निराशा जन सामान्य के समर्पण भाव के साथ हमने साकार करने का प्रयास किया। आज आशा निराशा में बदल चुका है। उनका मानना है है देश को बदलने के लिए 130 करोड़ की भावना की घोष नई ताकत और विश्वास का संदेश है। सबका विश्वास और सबका विकास देश को नई दिशा दे रहा है। उनका कहना है कि यदि हम भ्रूण हत्या सती प्रथा को खत्म कर सकते हैं तो महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठा सकते? उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की भावना को साकार करने की बात कही। 70 दिन के अंदर धारा 370 और 35(ए) को  दो तिहाई बहुमत से दोनों सदनों में पास कर दिया गया जो पिछली सरकारें 70 साल में नहीं कर सकी। कश्मीर वासियों के सपनों को पंख मिले इसकी जिम्मेदारी सभी देशवासियों की है।

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य कुछ है हमारा राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं है। उन्होंने’one nation one constitution’की बात पर बल दिया।उन्होंने किसानों के सामर्थ्य की पुजारी बनने की बात कही तथा दूसरी तरफ सामाजिक जागरूकता की बात पर भी बल दिया। उन्होंने आम आम को शिक्षित सामर्थ वान होने की बात कही, 21वी सदी के सपनों के भारत बनाने की बात की। हम ऐसे भारत का निर्माण करें जो सभी के सपनों का भारत हो जिसमें ना सरकार का दवा और अभाव हो हम ऐसे सपनों को लेकर आगे बढ़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने हर दिन एक ऐसे कानून को खत्म किया जो भारत को एक नई दिशा दे सकता है जिसकी संख्या अब तक लगभग 1450 है। 10 दिन के अंदर 60 कानून को खत्म किया। 1000000 करोड़ आधुनिक इंच इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने के बाद की। उनका कहना था कि आज भारत की जनता वंदे मातरम एक्सप्रेस की बात करती है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि एक कोने में बढ़ाने की क्षमता का कर्तव्य हर नागरिक का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 5 ट्रिलियन का सपना है। उन्होंने टूरिज्म उत्पादन और स्वच्छता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2019 को ‘single use plastic’और मेक इन इंडिया को साकार करने की बात कही। उन्होंने अंत में बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर गुरु नानक की शिक्षा को लेकर देश को आगे बढ़ने की बात। उन्होंने कहा कि हमारे लक्ष्य हिमालय जैसे बड़े और सपने असंख्य तारों से ज्यादा तथा सामर्थ हिंद महासागर जितना अच्छा होना चाहिए। उन्होंने नए भारत के निर्माण के लिए साथ चलने की बात कही। अंत में भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के साथ अपने भाषण को विराम दिया।