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प्रतापगढ़ पोलवाट के राष्ट्रीय खिलाड़ी संदीप ने भारत में लहराया परचम

संवाददाता गुलाब चंद गौतम:  मान्धाता प्रतापगढ़ किसी ने ठीक ही कहा है कि जब टूटने लगे हौसले तो बस याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख्तो ताज नहीं होते , ढूंढ लेना अंधेरों में मंजिल अपनी जुगनू कभी रोशनी के मोहताज नहीं होते । कहां जाता है कि खिलाड़ियों की दिशा और दशा सुधारने में कोच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोच घनश्याम यादव का प्रयास रंग लाया । ऐसा ही कुछ कर दिखाया प्रयागराज प्रतापगढ़ बॉर्डर पर बसा गांव वादीपुर विकासखंड मऊआइमा के रहने वाले संदीप कुमार सरोज है । जिन्होंने पंजाब के संगरूर में आयोजित 65वें राष्ट्रीय स्कूल एथलेटिक चैंपियनशिप 4.10मी ऊंची छलांग लगाकर गोल्ड मेडल प्राप्त कर भारत में प्रथम स्थान प्राप्त किया । संदीप सरोज मौजूदा समय

में तात्या टोपे स्टेडियम टीटी नगर भोपाल में मुख्य कोच एसके प्रसाद व घनश्याम यादव द्वारा उसकी प्रतिभा में दिनों दिन निखार लाने का प्रयास किया जा रहा है जिसकी बदौलत संदीप ने सन 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना खेलो इंडिया में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया । उसके बाद सन् 2019 में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर के नागार्जुन यूनिवर्सिटी में आयोजित 35 वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4. 45 मीटर ऊंची छलांग लगाकर भारत में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपने पिता मन्नी लाल सरोज का नाम रोशन किया । किसी कवि ने ठीक ही कहा है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है ,पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। पोलवाट खिलाड़ी से कोच बने घनश्याम यादव ने संवाददाता रणविजय सिंह यादव से बताया कि पोलवाट के क्षेत्र में लगातार दस वर्षों तक डटा रहा । मैं चार बार पोलवाट के राष्ट्रीय खेल में भारत में अपना स्थान बनाया और और तीन बार उत्तर प्रदेश अपना नाम रोशन किया। हमारे अथक प्रयास से हमें मुख्यमंत्री और राज्यपाल व केन्द्रीय खेल मंत्री द्वारा सम्मानित होने का मौका मिला । एथलेटिक कोच घनश्याम यादव उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मान्धाता विकास खंड के जददूपुर पोस्ट छितपालगढ निवासी घनश्याम यादव है जो भोपाल में तात्या टोपे स्टेडियम टी टी नगर भोपाल में प्रशिक्षक के पद पर तैनात हैं।