Breaking News इटावा उतरप्रदेश तीर ए नज़र राजनीति

इटावा नई मंडी में आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह भी पहुंचे

इटावा नई मंडी में आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब आढ़तियों को इतनी परेशानी है तो सचिव को हटा देना चाहिए था। मैं मुख्यमंत्री से मिलूंगा, अगर फिर भी सचिव न हटे तो आढ़तियों के साथ खुद भी धरने पर बैठ जाऊंगा।

रविवार को नई मंडी के आढ़तियों के समर्थन में पुरानी मंडी की आढ़तें भी बंद रहीं। मंडी सचिव आशीष यादव ने बताया कि हड़ताल के कारण दो दिन में करीब पांच लाख के राजस्व का नुकसान भी हुआ है।

आढ़तियों की धरना सभा में शिवपाल ने कहा कि मंडी बनाने का उद्देश्य किसानों को सुविधा देना ही है। आढ़ती किसानों से जो कमीशन लेते हैं उसी के टैक्स से सरकार किसान को सुविधा देती है। जब आढ़ती ही दुखी होंगे तो किसानों का भला कैसे हो सकता है। मंडी सचिव किसानों व आढ़तियों के बीच की कड़ी होता है लेकिन यहां का सचिव तानाशाही पर उतारू हैं। लोकतंत्र में जनता मालिक और कर्मचारी नौकर हैं किंतु आज प्रदेश में नौकरीशाही मालिक हो गई है। वरना ऐसा नहीं होता कि मंत्री तक मंडी में आ जाएं और सचिव न हटे। जो मंडी सचिव आढ़तियों को तकलीफ दे उसे तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए था।

ऐसे व्यक्ति को बैठा दिया गया है जिसका मूल पद भी सचिव नहीं है, वह सम्मानित आढ़तियों को चुनौती दे रहा है। जब मैं मंत्री था तो किसी अधिकारी की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती थी। मैं सबकी सुनता था। इस सचिव को हटवाने के लिए मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलूंगा, इसके बावजूद सचिव नहीं हटाया गया तो मैं खुद यहीं धरने पर बैठ जाऊंगा। करीब एक घंटे तक शिवपाल भी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान व्यापारी नेता अनंत अग्रवाल ने उन्हें आढ़तियों की समस्याएं भी बताईं।